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अंतिम नवीकरण : २३ फ़रवरी, २०११
कुल कहानियाँ : १५९७
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कुंवारी सपना

प्रेषक : सागर
मैं हरियाणा में रहता हूँ, मेरी उम्र इक्कीस साल, कद छः फीट और रंग गोरा है, मेरा शरीर औसत है और मेरे हथियार का आकार आठ इंच है।
एक दिन मैं ब्लू फिल्म देख रहा था। तब मेरा मन किया कि क्यों न किसी लड़की को आज होटल में ले जाकर चोदूँ ! मैं एक लड़की को पैसे देकर होटल में ले गया और वहाँ से घर में फ़ोन करके बताया कि मैं आज दोस्त की बर्थडे पार्टी के लिए जा रहा हूँ, इसलिए मैं कल सुबह आऊंगा।
मैंने उस रात उस लड़की को बहुत चोदा। जब मैंने दूसरा राउंड लिया तो वो लड़की दर्द से कराहने लगी। मैं हैरान हो गया कि जो लड़की धंधा करती है उसे मेरे लण्ड से तकलीफ़ हो रही थी। चोदने के बाद वो लड़की बोली- तुम किसी जिगोलो जैसे काम क्यूँ नहीं करते? तुम में वो जोश है और तुम्हारा हथियार भी बहुत तगड़ा है !
मैं सोचने लगा ! जब मैंने उससे पूछा- यह सब होगा कैसे ?
तब उसने कहा- वो सब मेरे ऊपर छोड़ दो !
सुबह ही मैंने उसका नंबर और नाम पूछा। उसका नाम अनु था। एक दिन के बाद मैंने अनु को कॉल किया। उसने मुझे बताया कि तुम्हें एक डॉक्टर के यहाँ कल रात को जाना है।
उसने मुझे उस पहली ग्राहक के बारे में जानकारी और उसका पता बताया। मुझे एक सिन्धी डॉक्टर की बीवी सपना को चोदना था, जिसकी उम्र 23 साल थी। वो एक घरेलू औरत थी जिसका पति दिल का विशेषज्ञ था, उसकी उम्र 31 साल थी।
अनु ने कहा- सपना को मैंने जब तुम्हारे बारे में बताया तो तभी से उसने तुम्हारे साथ रात गुजारने की जिद पकड़ी है। सपना का रंग गोरा, कद 5'7" और उसने तुम्हारे लिए 5000 रुपये दिए हैं।
अनु ने वो पैसे मेरे हाथ में दिए। पैसे और सारी जानकारी मैंने अनु से ली और मैंने अनु को मेरे दिल में आये हुए डर के बारे में बताया।
अनु ने कहा कि सपना के पति किसी कोर्स के लिए दो दिन के लिए सुबह दिल्ली जा रहे हैं। तब मैं निश्चिंत हो गया। उस रात मुझे नींद नहीं आई।
मैं शाम के 6 बजे घर से निकला और माँ को कहा," माँ, आज मैं नहीं आने वाला ! मेरी राह मत देखना !
मैं शाम 7 बजे उस पते पर पहुंचा और दरवाजे की घंटी बजाई तो सामने एक औरत आई। मैंने वो कोड बोला जो अनु ने मुझे बताया था, तब मुझे उसने अन्दर बुला लिया। मैं समझ गया कि वही सपना है।
सपना ने दरवाजा बंद कर लिया, शायद वो भी मेरा इंतजार कर रही थी। अन्दर आने के बाद उसने कहा- तुम तो रात दस बजे आने वाले थे?
मैंने कहा- पहली बार मुझे किसी ने रुपये दिए हैं, जिसके लिए मैंने कुछ नहीं किया ! इसीलिए सोचा कि उसका सब पैसा चुकता होना चाहिए, सो मैं जल्दी आया !
सपना मुस्काई और मैं पागल हो गया क्योंकि सपना (जितना अनु ने बताया) उससे बहुत ज्यादा खूबसूरत थी। मैंने सपना को कहा- अब अपना काम शुरू करें?
तो सपना ने मुझे कहा- मैं दो मिनट में आती हूँ, तुम बेडरूम में जा के बैठो !
और मुझे बेडरूम की तरफ इशारा किया।
मैं बेडरूम में जा बैठा। सपना दस मिनट के बाद दुल्हन की साड़ी पहन कर हाथ में गिलास लेकर आई। वह मेरे पास आकर बैठी और दूध का गिलास मुझे दिया।
मैंने पूछा- यह क्या है ?
उसने कहा- मैं अभी तक कुंवारी हूँ ! मेरे पति ने आज तक सुहागरात का मज़ा मुझे नहीं दिया !
वो मेरी तरफ ऐसे देख रही थी जैसे कह रही हो- वो सब आज तुम्हें ही करना है !
मैंने वो दूध आधा पिया, बाकी बचा दूध मैंने सपना को पिलाया। मैंने देखा कि पूरा बिस्तर फूलों से सजाया हुआ था। मैंने उसे कस कर अपनी बाँहों में लिया और चूमने लगा। उसके बाद मैंने उसकी साड़ी और चूड़ियाँ उतार दी !
अब वो मेरे सामने ब्लाउज में थी ! मैंने उसकी गर्दन को चूमा और उसके स्तन दबाने लगा !
सपना सिसकारने लगी। मैंने उसका ब्लाउज खोल दिया, उसके वक्ष देख कर मैं बहुत गर्म हो गया। मैंने उन्हें चूसना और मसलना शुरू किया। तब सपना के मुँह से आआह्ह्ह उफ्फ्फ, दबाओ और जोर से, निकलने लगा। मैं चूसते-चूसते नीचे की तरफ गया, सपना और सिसकारने लगी। मैंने उसकी पैंटी उतारी और उसकी चूत चाटने लगा।
मैंने अपने कपड़े उतार दिए और अपना लंड हाथ में लेकर खड़ा रहा। सपना आँखें फाड़-फाड़ कर उसे देख रही थी। वो प्यासी शेरनी की तरह झपट पड़ी, वो मेरे लंड को चूसने लगी ! थोड़ी देर के बाद सपना ने अंदर डालने के लिए कहा। मैंने लंड पर कंडोम चढ़ाया और सपना की चूत को सहलाते हुए कहा- सपना, इसे अंदर लो !
मैं सपना की कमर को पकड़ कर लंड उसकी चूत पर रगड़ने लगा। सपना आह्ह्ह्ह्ह करने लगी और मैंने उसके कन्धे पकड़ कर एक जोर का झटका दिया !
लंड चूत का बाहरी किनारा ले कर फिसल गया ! सपना चिल्लाई- तुम्हें करना नहीं आता क्या?
उसने मुझे दूर धकेल दिया। मैं वापस उसको समझा कर उस पर चढ़ गया ! इस बार मैंने सही निशाना लगाया ! आधा लंड चूत में घुस गया !
सपना चिल्लाई- हाय भगवान् !! प्लीज़, इसे निकाल लो !
मैंने दूसरा झटका दिया, लंड पूरा अंदर तक घुस गया ! तभी मैंने देखा कि सपना की आँखों से आंसू निकल आये। उसके बाद मैंने चोदना शुरू किया !
मेरे हर एक झटके पर सपना चिल्ला रही थी। अब सपना मेरा साथ देने लगी और मेरी स्पीड बढ़ने लगी।
जैसे ही मैंने आखरी झटका दिया, मेरे अंडकोष जोर से पीछे हो गए और लंड बहुत अंदर तक चला गया ! मेरा पानी निकाल गया था ! थोड़ी देर के लिए हम वैसे ही लेटे रहे !
सपना ने बेड की चादर की ओर इशारा करके कहा- आज मेरा कुंवारापन टूट गया !
चादर खून से लाल हो गई थी !
फिर मैंने बाथरूम में जाकर कंडोम हटाया और आकर सो गया। सपना ने मेरे ऊपर चढ़ कर दूसरे दौर के लिए तैयारियाँ की। उस रात सपना ने मुझे अपना पति मानकर मेरे साथ 5 बार सम्भोग किया।
सुबह मुझे जाना था पर सिन्धी लड़की ने मेरी पूरी ताकत चूस ली थी, मैं दोपहर को नींद से उठा और सपना से जाने की आज्ञा मांगी तो सपना ने मुझे लम्बा किस किया और कहा- नाश्ता करके जाना।
हम एक साथ नहाये और फिर सपना ने नाश्ता कराया।
जाते वक्त उसने मुझे और दो हज़ार रुपए दिए और बाय किया.......
jisagar14@gmail.com

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